बम्हनीडीह में शिक्षा सुधार का रोडमैप तैयार, अधिकारियों ने तय की जवाबदेही और समय-सीमा

स्कूलों में गुणवत्ता सुधार, ऑनलाइन प्रशिक्षण, पौधारोपण, पाठ्यपुस्तक वितरण और दिव्यांग विद्यार्थियों की निगरानी पर विशेष फोकस

बम्हनीडीह। विकासखंड बम्हनीडीह में आयोजित विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बैठक में अगस्त माह के सीएसी भ्रमण कार्यक्रम को 31 जुलाई तक बीआरसी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए। वहीं विषयवार ऑनलाइन प्रशिक्षण में सभी शिक्षकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि नई शिक्षण पद्धतियों का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

अधिकारियों ने CG VSK पोर्टल में कर्मचारियों की उपस्थिति और अवकाश प्रविष्टियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं। 1 जुलाई से अनुपस्थित कर्मचारियों का दैनिक प्रतिवेदन संकुल स्तर पर उपलब्ध कराने तथा सभी प्रकार के अवकाश केवल पोर्टल के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सभी विद्यालयों में पौधारोपण कर उसका ऑनलाइन पंजीयन एवं फोटो अपलोड करने को कहा गया। जिन विद्यालयों में पर्याप्त परिसर उपलब्ध है, वहां अधिक से अधिक पौधे लगाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, एमबीयू शिविर के लंबित कार्यों के शीघ्र निराकरण, नए विद्यालय भवनों की गुणवत्ता की निगरानी तथा आवश्यक मरम्मत संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय में इको क्लब का गठन, प्रार्थना सभा में शिक्षकों की नियमित सहभागिता, विद्यार्थियों को बारहखड़ी और पहाड़ा याद कराने, प्रशस्त ऐप पर यू-डाइस कोड के माध्यम से पंजीयन कराने तथा CWSN (दिव्यांग) विद्यार्थियों की अद्यतन जानकारी संधारित रखने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में साक्षर भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर निरक्षर व्यक्तियों के सर्वे और NLEP पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। समयबद्ध कार्य संस्कृति और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post