जशपुर पत्थलगांव
प्रधानमंत्री आवास एक के नाम, राशि दूसरे के खाते में और मकान तीसरे का! जशपुर के पत्थलगांव से चौंकाने वाला मामला
जशपुर (पत्थलगांव)। प्रधानमंत्री आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, उसी योजना में कथित अनियमितता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि आवास स्वीकृत एक हितग्राही के नाम हुआ, राशि दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंची और उस राशि से तीसरे व्यक्ति ने अपना मकान तैयार कर लिया।
पूरा मामला क्या है?
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना असांती (पिता अकबर साय) के नाम स्वीकृत हुई। आरोप है कि योजना की राशि सुकांती (पिता जगनसाय) के खाते में चली गई और उस राशि का उपयोग रात्रिकानंद (पिता स्व. प्रह्लाद सिंह) द्वारा अपना मकान बनाने में किया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर जनपद पंचायत ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
एफआईआर के बाद 'समझौते' का खेल?
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत पालीडीह में एक लिखित सहमति पत्र तैयार कराया गया, जिसमें कथित रूप से हितग्राही से यह लिखवाया गया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति हो गई है और दर्ज प्रकरण समाप्त किया जाए। इस दस्तावेज़ पर पंचायत के जिम्मेदार लोगों के हस्ताक्षर और मुहर भी होने की बात सामने आई है।
सबसे बड़े सवाल
- क्या सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का मामला पंचायत में समझौता कर खत्म किया जा सकता है?
- अगर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो उसे समाप्त करने का अधिकार किसके पास है?
- योजना की राशि दूसरे खाते में पहुंची कैसे?
- यदि अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार अधिकारी और लाभ लेने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा
अब निगाहें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत पत्थलगांव, जिला प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल एक आवास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।
जनता अब जवाब चाहती है—क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला कागजों में ही दब जाएगा?

