💥महा-खुलासा: देशव्यापी NEET धांधली के तार छत्तीसगढ़ से जुड़े? ₹20 लाख के 'सीट-सौदे' के स्टांप पेपर ने खोली पोल, रायगढ़ के डॉक्टर भी रडार पर💥!

 

संवाददाता, रायपुर/पत्थलगांव देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले NEET पेपर लीक और सीट-बिक्री सिंडिकेट को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित खुलासा हुआ है। छत्तीसगढ़ के जशपुर और रायगढ़ जिलों से जुड़े कुछ रसूखदार चेहरों की इस महा-घोटाले में सीधी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। सामने आए ₹100 के एक कानूनी इकरारनामे (Agreement) ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि मेडिकल कॉलेजों में 'पैसे फेंककर सीट हथियाने' का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इस पूरे खेल का मुख्य सूत्रधार सरायपाली का एक अस्पताल संचालक बताया जा रहा है, जिसमें रायगढ़ के एक डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध है।

💸 ₹20 लाख का वो स्टांप पेपर... जिसने खोल दिए राज सूत्रों और कानूनी दस्तावेजों से मिली जानकारी के अनुसार, 
इस पूरे संदिग्ध रैकेट का मुख्य चेहरा श्री भूषण नायक (पिता: मंगल प्रसाद नायक, संचालक: अम्बिका हॉस्पिटल सरायपाली) है।दस्तावेजों के मुताबिक, भूषण नायक ने पत्थलगांव (जशपुर) निवासी श्री नेतराम चौधरी से उनकी बेटी का 'बालाजी मेडिकल कॉलेज रायपुर' में दाखिला कराने के नाम पर ₹20,000,00 (बीस लाख रुपये) का मोटा कैश लिया था। जब वहां सीट नहीं मिली, तो छात्रा का एडमिशन दूसरे कॉलेज में कराया गया। अब इस राशि को वापस लेने के लिए बाकायदा एक कानूनी करारनामा तैयार कराया गया है, जो इस बात का जिंदा सबूत है कि नीट एडमिशन के नाम पर लाखों का लेन-देन सीधे तौर पर किया जा रहा था।

🩺 रायगढ़ के डॉ. पुरुषोत्तम पटेल की भूमिका पर गहराया शक!इस विवादित मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया जब इस स्टांप पेपर पर बतौर गवाह डॉ. पुरुषोत्तम पटेल का नाम और हस्ताक्षर सामने आया।कौन हैं डॉ. पुरुषोत्तम पटेल? सूत्रों के मुताबिक, डॉ. पुरुषोत्तम पटेल रायगढ़ के एक नामी अस्पताल में कार्यरत हैं।क्या है कनेक्शन? चर्चा है कि भूषण नायक अकेले इतना बड़ा नेटवर्क नहीं चला रहा था। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण डॉ. पुरुषोत्तम पटेल पर यह गंभीर आरोप लग रहे हैं कि वे इस 'सीट-डीलिंग' के बैक-एंड सपोर्टर या सिंडिकेट के सहयोगी हो सकते हैं। एक डॉक्टर का इस तरह के संदेहास्पद 20 लाख के लेन-देन वाले दस्तावेज में मुख्य गवाह बनना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

❓ क्या देशव्यापी NEET पेपर लीक से जुड़े हैं तार?
चूंकि देश में NEET परीक्षा की शुचिता पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं और कई राज्यों में पेपर लीक गैंग पकड़े गए हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ का यह मामला आग की तरह फैल गया है। सूत्रों का दावा है कि भूषण नायक और डॉ. पुरुषोत्तम पटेल जैसे लोग महज एक मोहरा हो सकते हैं, जिनका संबंध देश के बड़े पेपर लीक और सीट फिक्सिंग गिरोह से होने की पूरी आशंका है। बिना किसी मजबूत सेटिंग या ऊपर तक पहुंच के, कोई भी व्यक्ति ₹20 लाख लेकर मेडिकल सीट दिलाने की गारंटी नहीं दे सकता।

⚖️ जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की मांग इस स्टांप पेपर के सार्वजनिक होने के बाद अब स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है। जागरूक नागरिकों और छात्र संगठनों ने मांग की है कि इस इकरारनामे को आधार बनाकर शासन और पुलिस को तुरंत भूषण नायक और डॉ. पुरुषोत्तम पटेल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ करनी चाहिए। यदि इनकी कॉल डिटेल (CDR) और बैंक खातों की जांच की जाए, तो छत्तीसगढ़ में सक्रिय एक बड़े मेडिकल एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post