धर्मजयगढ़। वन मंडल धर्मजयगढ़ में मजदूरों और सामग्री सप्लायरों का लाखों रुपये का भुगतान दबाकर रखने का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों ने वनमंडलाधिकारी (DFO) को पत्र लिखकर रेंजरों पर भुगतान रोकने और कमीशन (रिश्वत) मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
📌 मुख्य बिंदु और विवाद
भुगतान न मिलने का आरोप: मजदूरों का कहना है कि उन्होंने धर्मजयगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग रेंजों में मुनारा (सीमा स्तंभ) निर्माण का कार्य किया था, जिसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है।
रिश्वत की मांग: शिकायती पत्र के अनुसार, मार्केट से सामग्री खरीदकर काम पूरा करने के बाद अब बाबू और रेंजर भुगतान के बदले कमीशन (पैसा) मांग रहे हैं। पैसा न देने पर दो-चार दिन में भुगतान करने की बात कहकर लगातार टाला जा रहा है।
लाखों रुपये का बकाया: लैलूंगा रेंजर: कुल 136 मुनारे बनाए गए थे। इसमें से केवल ₹1,85,000 का आंशिक भुगतान हुआ है, जबकि ₹6,31,000 अब भी बकाया है। बाकारुमा रेंजर (काजू बाड़ी एवं रैश्या): यहाँ 28 मुनारे बनाने का ₹1,68,000 का पूरा भुगतान अटका हुआ है।कुल बकाया राशि: मजदूरों का कुल ₹7,99,000 विभाग पर बकाया है।
👤 पीड़ितों ने की कार्रवाई की मांग
यह शिकायत पत्र बजरंग कुमार गुप्ता और भरत राम सहित अन्य प्रभावितों द्वारा सीधे वनमंडलाधिकारी को सौंपा गया है। पत्र पर बकायदा कार्यालय की रिसीविंग सील भी लगी हुई है, जिससे साफ है कि मामला आधिकारिक तौर पर अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है।
मजदूरों का कहना है कि उन्होंने कर्ज और उधारी लेकर काम पूरा कराया था। अब रेंजर और बाबू द्वारा प्रताड़ित किए जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वर्जन लेलूगा रेंजर और बाकारूमा डिप्टी रेंजर कॉल नहीं उठा रहे धर्मजयगढ़ वन विभाग में शिकायत के बाद।

