छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: वन विभाग में भ्रष्टाचार और जान से मारने की धमकी, लैलूंगा और बतौली क्षेत्र में मचा हड़कंप!



बतौली/लैलूंगा: छत्तीसगढ़ के वन विभाग में कथित भ्रष्टाचार, मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी और अब पीड़ित परिवार को खुलेआम जान से मारने की धमकी देने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग के ठेकेदारों और सामग्री सप्लायरों की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि पीड़ित महिला को अब अपने पति और परिवार की जान बचाने के लिए पुलिस की शरण लेनी पड़ी है।

📌 क्या है पूरा मामला?प्राप्त जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, ग्राम बिलासपुुर (थाना बतौली, सरगुजा) की निवासी आशा गुप्ता ने थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।वन विभाग में काम: पीड़ित महिला के पति बजरंग कुमार गुप्ता ने कुछ महीने पहले लैलूंगा रेंज (बाकारूमा क्षेत्र) में वन विभाग के अंतर्गत भू-जल संरक्षण का कार्य कराया था।भुगतान में हेराफेरी: काम पूरा होने के बाद भी पीड़ित परिवार को उनकी मजदूरी और सामग्री का भुगतान नहीं किया गया।

अधिकारियों से शिकायत: भुगतान न होने से परेशान होकर पीड़ित ने 1 जून 2026 को वन मण्डलाधिकारी (DFO) धर्मजयगढ़ के समक्ष इस वित्तीय अनियमितता की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

🤬 शिकायत करते ही मिली जान से मारने की धमकी जैसे ही वन विभाग के ठेकेदारों को शिकायत की भनक लगी, उनके हौसले सातवें आसमान पर पहुंच गए। आरोप है कि शिकायत के ठीक बाद वन विभाग के ठेकेदार और सामग्री सप्लायर उदय गुप्ता (पिता- स्व. श्री खेडू साव) ने पीड़ित के मोबाइल नंबर पर फोन करके गंदी-गंदी गालियां दीं।शिकायत पत्र के अनुसार: ठेकेदार ने पीड़ित को फोन पर धमकी देते हुए कहा कि "तुम्हारे पापा को भी मारूंगा, अंबिकापुर, रायपुर, धरमजयगढ़ सब मेरे आदमी निकल चुके हैं, मैं आ रहा हूँ।"

😰 खौफ में पीड़ित परिवार, बिगड़ी तबीयतइस जानलेवा धमकी और लगातार आ रहे फोन कॉल्स के बाद से पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। महिला ने बताया कि इस मानसिक प्रताड़ना और डर के कारण उनकी तबीयत भी काफी खराब हो गई है। पीड़िता ने थाने में आवेदन के साथ ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी संलग्न की है, जो इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा सबूत मानी जा रही है।

⚖️ पुलिसिया कार्रवाई और उठते सवाल थाना बतौली में इस मामले की शिकायत दर्ज करा दी गई है, जिस पर पुलिस विभाग की सील भी लग चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस दबंग ठेकेदार और वन विभाग के भीतर चल रहे इस कथित भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई करता है।क्या लैलूंगा और बाकारूमा क्षेत्र के वन अधिकारी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं?एक गरीब मजदूर का पैसा रोकने वाले इन ठेकेदारों को किसका संरक्षण प्राप्त है?



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