सच्चाई का 'सर्जिकल स्ट्राइक': धर्मजयगढ़ में बेबुनियाद अफवाहों की उड़ी धज्जियां, जांच पत्र ने खोला झूठ का ताला!
राजनीति और समाज में अफवाहें फैलाकर किसी की साख बिगाड़ना तो आजकल का 'ट्रेंड' बन चुका है। वार्ड क्र. 08 में भी कुछ ऐसा ही ड्रामा रचा गया था—आरोप उछालो, निर्दोष की छवि धूमिल करो और मजे लो! लेकिन कहते हैं न कि झूठ के पांव नहीं होते और आखिरकार "सत्यमेव जयते" साबित होकर ही रहता है।
नगर पंचायत धरमजयगढ़ के आधिकारिक शासकीय पत्र (क्रमांक 231/न.पं./2026-27, दिनांक 24/07/2026) ने उन तमाम मनगढ़ंत आरोपों की हवा निकाल दी है जो बिना किसी तथ्य के ठेकेदार और व्यवस्था पर मढ़े जा रहे थे।
क्या था पूरा मामला और कैसे खुला राज?
झूठा ढिंढोरा: शिकायतकर्ता पार्षद द्वारा यह हवा उड़ाई गई थी कि वार्ड क्र. 08 आंगनबाड़ी से यशपाल साहू के घर तक आर.सी.सी. नाली निर्माण का टेंडर तो हुआ, लेकिन मौके पर काम ही नहीं किया गया।
मौके का सच: कार्यालय नगर पंचायत द्वारा संयुक्त संचालक (नगरीय प्रशासन एवं विकास, बिलासपुर) को भेजे गए स्पष्टीकरण पत्र में साफ-साफ दर्ज है कि ठेकेदार श्री शेष कुमार साहू को 28.06.2024 को कार्यादेश जारी किया गया था।
भौतिक सत्यापन और माप: उप अभियंता ने ठेकेदार और स्थानीय वार्डवासियों की मौजूदगी में स्थल का बकायदा निरीक्षण किया, नाली निर्माण का माप (Measurement) लिया और नियमानुसार मेजरमेंट बुक (MB) में दर्ज करके ही देयक प्रस्तुत किया।
भुगतान का सच: हालांकि निविदा राशि 8.64 लाख रुपये थी, लेकिन भुगतान केवल उसी कार्य का तैयार किया गया जो वास्तव में धरातल पर हुआ है!
सच्चाई सामने, अब अफवाहबाजों के मुंह पर जड़ा ताला!
बिना जांच-परख के किसी निर्दोष ठेकेदार की साख पर कीचड़ उछालना और उसकी छवि धूमिल करने का यह घटिया प्रयास पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। अब सवाल यह उठता है कि जो लोग "काम नहीं हुआ" का ढोल पीट रहे थे, क्या वे इस आधिकारिक शासकीय रिपोर्ट के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे?
सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। बेबुनियाद आरोपों का गुब्बारा आखिरकार सरकारी कागजों की सुई से फूट ही गया!
