* शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरिया विकासखंड बम्हनीडीह के विद्यार्थियों को यौन शोषण, पास्को एक्ट और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षक पितांबर प्रसाद कश्यप,टीकाराम गोपालन,कैलाश खूंटे ने छात्रों को उनकी आयु और समझ के अनुसार सरल, संवेदनशील और व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें ऐसे छूता है जिससे उन्हें असहजता,डर या अजीब महसूस हो,तो वह 'बुरा स्पर्श' कहलाता है।
शरीर के कुछ हिस्से निजी अंगों (Private Parts) होते हैं,जिन्हें कोई दूसरा छू नहीं सकता।यदि कोई ऐसा करे या किसी गुप्त बात को छिपाने के लिए कहे,तो इसे कभी न छिपाएं।यदि कोई असहज स्थिति उत्पन्न हो, तो तुरंत स्पष्ट रूप से 'ना' कहें,उस स्थान से दूर हट जाएं और बिना किसी डर या संकोच के अपने माता-पिता,शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े को तुरंत बताएं।
प्रधान पाठक डॉ उमेश दुबे ने बच्चों को बताया कि पास्को एक्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा करना है इसलिए बच्चों को बताया कि यह कानून उनकी रक्षा के लिए बना है और इसमें गलती बच्चों की नही बल्कि गलत काम करने वाले की होती है इसमें उनकी कोई गलती नहीं है,इसलिए डरने या शर्मिंदा होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आपकी सुरक्षा सबसे पहले है।
