आबकारी विभाग की 'विस्फोटक' कार्रवाई? या वसूली का 'गंभीर' नाटक!



बिलासपुर: आबकारी विभाग की एक कार्रवाई फिर सवालों के घेरे में है। इस बार निशाना बनी है एक कथित गांजा बेचने वाली, लेकिन कार्रवाई के तरीके और बाद में हुए खुलासों ने इसे 'विस्फोटक' खबर बना दिया है।

मामला क्या है?

अवैध शराब पर कार्रवाई को लेकर सवाल पूछने पर विवाद बढ़ने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि आबकारी अधिकारी ऐश्वर्या मिंज, उनके ड्राइवर और सिपाहियों ने कथित तौर पर गांजा बेचने वाली महिला के साथ दुर्व्यवहार किया और छीना-झपटी में उसका मोबाइल तोड़ दिया।

व्यंग्यात्मक तड़का:

 * सवालों का सवाल? आबकारी विभाग की 'कार्रवाई' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन क्या ये सवाल इतने भारी हैं कि अधिकारी 'विस्फोटक' प्रतिक्रिया देने को मजबूर हो गए?

* गांजा, दारू और 'वसूली'? गांजा बेचने वाली महिला से कथित तौर पर 80 हजार रुपये की 'अवैध मांग' का आरोप भी सामने आया है। क्या ये 'कार्रवाई' गांजे पर थी या फिर 'वसूली' पर?

 * अधिकारी की 'गुंडागर्दी'? महिला ने अधिकारी और उनके साथियों पर 'दुर्व्यवहार' का आरोप लगाया है। क्या ये विभाग की नई 'कार्यशैली' है या फिर सत्ता का नशा?

विस्फोटक खुलासा:

 * मोबाइल टूटने का आरोप: महिला का दावा है कि छीना-झपटी में उसका मोबाइल टूट गया। क्या इस मोबाइल में कुछ ऐसा था जो अधिकारी नहीं चाहते थे कि सामने आए?

 * शिकायत का सिलसिला: महिला ने कलेक्टर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या ये शिकायत भी फाइलों में दब जाएगी या फिर इसकी निष्पक्ष जांच होगी?

निष्कर्ष:

आबकारी विभाग की ये कार्रवाई 'विस्फोटक' खबर बन चुकी है। अब देखना ये है कि क्या अधिकारी की 'गुंडागर्दी' पर कोई लगाम लगती है या फिर ये भी एक और 'गंभीर' नाटक बनकर रह जाता है!



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