बिलासपुर (बतौली):
सुनो-सुनो, आस-पास के पापियों और सोशल मीडिया के वीरों! बिलासपुर बतौली की 'दुर्गा पूजा समिति' अपने 8वें धमाकेदार साल में कदम रख चुकी है। मतलब साफ़ है—जितनी शिद्दत से आप पूरे साल नियम-कानून तोड़ते हैं, उतनी ही निष्ठा और पूरे विधि-विधान के साथ समिति इस बार भी माँ जगदम्बा की स्थापना करने जा रही है!
लेकिन ठहरिए! असली तमाशा तो अभी बाकी है...
💥 रावण का फूंका जाएगा 'सुपर-अहंकार'!
समिति ने साफ़ ऐलान कर दिया है कि दशहरे की शाम को रावण दहन का महा-कार्यक्रम रखा गया है। बेचारगे रावण को भी क्या मालूम था कि सतयुग से लेकर आज तक, हर साल सिर्फ़ उसी की 'सुपारी' कटती रहेगी! खैर, बतौली के रावण को सावधान कर दिया गया है—चाहे उसका कद कितना भी बड़ा क्यों न हो, पटाखों का बारूद और जनता की तालियाँ उसका रामनाम सत्य करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।
🎤 जगराता: रात भर नींद को कहिए 'गुडबाय'!
रावण को राख करने के बाद, शांति से सोने की भूल बिल्कुल मत कीजिएगा! क्योंकि इसके बाद शुरू होगा 'एक से बढ़कर एक' भजनों का जगराता! भक्ति का ऐसा सैलाब आएगा कि मोहल्ले के कुत्तों से लेकर डीजे (DJ) के दीवानों तक, सबकी नींद का धर्म भ्रष्ट होना तय है। कलाकारों ने अपने गले चमका लिए हैं और ढोलक वाले ने उंगलियों की सर्विसिंग करवा ली है।
📢 समिति की 'कड़क' चेतावनी (सह-आमंत्रण):
> "पूजा विधि-विधान से होगी, भक्ति दिल से होगी, और मनोरंजन फुल-टू-विस्फोटक होगा! इसलिए घर पर बैठ कर टीवी पर रील्स देखने के बजाय, बिलासपुर दुर्गा पूजा पंडाल में पधारें और भक्ति के इस महा-विस्फोट का हिस्सा बनें!"
> तारीख और वक्त नोट कर लीजिए, वरना बाद में रावण के पुतले की राख भी नसीब नहीं होगी!
