रायपुर। पूर्व सेवा की गणना कर पूर्ण पेंशन देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में याचिकाकर्ता शिक्षकों ने शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) का घेराव किया। इस दौरान शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शासन से उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है। उन्होंने बताया कि संविलियन पूर्व की सेवा को पेंशन के लिए मान्यता देने संबंधी न्यायालय के आदेश के बावजूद शासन स्तर पर अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षकों को आशंका है कि शासन इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की तैयारी कर रहा है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, उप संचालक अशोक नारायण बंजारा और उप संचालक डॉ. महेश नायक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूर्व सेवा से पेंशन का लाभ देने, विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने तथा आवश्यक राजपत्र संशोधन की मांग की गई।
बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने विभागीय टीईटी परीक्षा के संबंध में वैधानिक सलाह लेकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। वहीं पेंशन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय और शासन की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है।
एसोसिएशन ने यह भी तर्क दिया कि प्रदेश में लगभग 1.40 लाख एल.बी. संवर्ग के शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन प्रतिवर्ष केवल 2 से 3 हजार शिक्षक ही सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में पूर्व सेवा के आधार पर पेंशन देने से शासन पर एकमुश्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
इसके अलावा सेवाकालीन शिक्षकों के लिए पृथक विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी अर्हता प्राप्त करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाए जाने के बाद शिक्षकों को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रदेश एवं विभिन्न जिलों के बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

