छत्तीसगढ़ –धमतरी में आधी रात को पुलिस चेकिंग के दौरान एक परिवार को रोककर थप्पड़ मारने और बदसलूकी के आरोपों के बाद छत्तीसगढ़ में सुशासन और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पीड़ित युवक अपनी सोती हुई मासूम बेटी और पत्नी के सामने पुलिस प्रशासन की कथित गुंडागर्दी के खिलाफ गुहार लगाता नजर आ रहा है। वहीं पुलिस विभाग ने इन आरोपों से इनकार करते हुए युवक पर ही जांच में सहयोग न करने का दावा किया है।
यह विवादित और संवेदनशील मामला दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के चलते गरमा गया है, जिसकी पूरी रिपोर्ट नीचे दी गई है:
🚨 मुख्य घटनाक्रम और पीड़ित के आरोप
जून 2026 के पहले सप्ताह में सामने आई इस घटना के अनुसार, आमदी निवासी एक युवक अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ देर रात थिएटर से फिल्म देखकर बाइक से लौट रहा था।
बीच हाईवे पर घेराबंदी: पीड़ित का आरोप है कि अर्जुनी थाना क्षेत्र के मुजगहन-पोटियाडीह बाईपास अंडरब्रिज के पास पुलिस ने बिना वजह उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली।
मासूम के सामने मारपीट: युवक का दावा है कि जब उसने बीच सड़क पर गाड़ी रोकने का कारण पूछा और मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो अर्जुनी थाना प्रभारी (TI) ने भड़ककर उसे थप्पड़ जड़ दिया।
मदद की गुहार: वायरल वीडियो में डरा-सहमा युवक रोते हुए सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों से पुलिस के सामने ही मदद मांगता दिख रहा है। वह चिल्ला रहा है कि, "मेरी गुड़िया सो रही है, मैं फिल्म देखकर आ रहा हूं, फिर भी पुलिस मुझे मार रही है।"
👮 पुलिस प्रशासन का पलटवार (दूसरा पक्ष)
मामला तूल पकड़ने के बाद धमतरी सिटी पुलिस अधीक्षक (CSP) और पुलिस प्रशासन की ओर से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया, जिसमें मारपीट के दावों को खारिज किया गया है।
नियमित चेकिंग पॉइंट: पुलिस के मुताबिक, यह क्षेत्र संवेदनशील है और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए वहां रात 1 से 2 बजे के बीच रूटीन चेकिंग की जा रही थी।
बिना नंबर प्लेट की गाड़ी: पुलिस का कहना है कि युवक की बाइक की सामने वाली नंबर प्लेट टूटी हुई थी, जिससे संदेह हुआ।
असहयोग और उग्र व्यवहार: पुलिस ने आरोप लगाया कि जब युवक से गाड़ी के दस्तावेज और आईडी मांगी गई, तो उसने सहयोग करने से मना कर दिया और पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए उंगली दिखाने लगा व वीडियो बनाकर उकसाने की कोशिश की। परिवार साथ होने के कारण उसे बिना किसी कानूनी कार्रवाई के बाद में जाने दिया गया।
⚡ छत्तीसगढ़ सरकार और व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। लोग छत्तीसगढ़ की सुशासन व्यवस्था और साय सरकार की पुलिसिंग शैली को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं:
मानवीय संवेदनाओं की कमी: नागरिकों का कहना है कि यदि बाइक का नंबर प्लेट टूटा भी था, तो साथ में मौजूद महिला और सोती हुई बच्ची का लिहाज किया जाना चाहिए था।
सड़क पर सुरक्षा का डर: आम जनता सवाल उठा रही है कि अगर आधी रात को परिवार के साथ सिनेमा देखकर लौट रहे शरीफ नागरिकों को पुलिस का ऐसा खौफ झेलना पड़ेगा, तो लोग खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे?
जांच के आदेश: बढ़ते विवाद को देखते हुए धमतरी पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित पुलिसकर्मियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

