शिक्षा विभाग में हड़कंप! BEO का सख्त फरमान: 'लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं'

 

पत्थलगांव

विकासखंड पत्थलगांव के शिक्षा जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब BEO, ABEO और BRC ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की आपात विभागीय समीक्षा बैठक ले ली। बैठक में अफसरों का मिजाज सख्त नजर आया और स्पष्ट संदेश दे दिया गया—"परिणाम दो या कार्रवाई का सामना करो!"

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समीक्षा बैठक में विभागीय अफसरों ने एक-एक बिंदु की बारिकी से समीक्षा की और प्राचार्यों को स्पष्ट चेतावनी के साथ ये कड़े निर्देश दिए:

 1. शिक्षकों की 'लेतलतीफी' पर लगेगी लगाम: CGVS ऐप के जरिए सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की 100% बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

 2. 'अपार आईडी' (APAAR ID) में ढिलाई नहीं: हर बच्चे की अपार आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए।

 3. गायब रहने वाले बच्चों पर नजर: शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करें! लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के पालकों से सीधा संपर्क कर उन्हें स्कूल वापस लाएं।

 4. जाति प्रमाण पत्र की गारंटी: पात्र विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र हर हाल में बने, इसके लिए प्लान बनाकर काम करने का फरमान जारी।

 5. योजनाओं का पारदर्शी संचालन: पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश (यूनिफॉर्म), छात्रवृत्ति और मध्याह्न भोजन (MDM) का सफल संचालन हो और इसकी सतत निगरानी की जाए।

 6. 'यशस्वी जशपुर' का अक्षरशः पालन: 'यशस्वी जशपुर' अभियान के तहत जारी सभी निर्देशों का पालन पहले प्राचार्य स्वयं करें और अपने सभी शिक्षकों से इसका कड़ाई से पालन कराएं।

 7. स्मार्ट क्लास और लैब में नहीं लगेगा ताला: विज्ञान के प्रायोगिक कार्य (Practical) नियमित हों! स्मार्ट क्लास सुचारू रूप से चलें ताकि विद्यार्थियों को इसका पूरा फायदा मिले।

 8. शिक्षक पुरस्कार और इंस्पायर अवॉर्ड: शिक्षक पुरस्कार हेतु शिक्षकों का पंजीयन और अग्रिम तैयारी के लिए प्रेरित करें। 'इंस्पायर अवॉर्ड' के लिए माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों से अधिक से अधिक छात्रों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।

 9. प्राथमिक शालाओं में 'जश लर्न' का जादू: प्राथमिक स्कूलों में जिला स्तरीय 'JASH LEARN' की गतिविधियों के तहत बच्चों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर विशेष जोर रहेगा।

 10. सप्ताह में 2 स्कूलों की 'सरप्राइज चेकिंग': व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों द्वारा प्रति सप्ताह कम से कम दो विद्यालयों का औचक निरीक्षण (Inspection) किया जाएगा।

> "शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी शिक्षक या प्राचार्य निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर तत्काल विभागीय कार्रवाई होगी।"

> — शिक्षा विभाग, पत्थलगांव


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