नाली निर्माण विवाद: धर्मजयगढ़ में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के लिखे पत्र को वापस लेने की मांग


धर्मजयगढ़ (रायगढ़): नगर पंचायत धर्मजयगढ़ के वार्ड क्रमांक 04 से पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को पत्र लिखकर मांग की है कि यशपाल साहू के घर से आंगनबाड़ी तक हुए नाली निर्माण के संबंध में पुलिस थाना धर्मजयगढ़ को प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने हेतु लिखा गया पत्र (क्रमांक 339, दिनांक 24.06.2026) तुरंत वापस लिया जाए।
प्रमुख बिंदु:
  दोहरी जांच का विरोध: पार्षद का तर्क है कि इस मामले की जांच पहले से ही उच्च अधिकारी—संयुक्त संचालक, नगरीय निकाय विभाग, बिलासपुर द्वारा की जा रही है। एक ही विषय पर दो जगह जांच कराना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है और इससे नगर पंचायत व परिषद की छवि धूमिल हो रही है।
  तकनीकी प्रतिवेदन का हवाला: पत्र में सोशल मीडिया से प्राप्त CMO नगर पंचायत धर्मजयगढ़ के पत्र क्रमांक 231 (दिनांक 24.07.2026) का उल्लेख किया गया है, जिसमें स्पष्ट है कि उप अभियंता (Sub-Engineer) ने स्थल का नियमानुसार निरीक्षण कर आर.सी.सी. नाली निर्माण का मापन पुस्तिका (MB) में दर्ज किया और भुगतान हेतु प्रतिवेदन बिलासपुर भेजा था।
  आरोपों को बताया बेबुनियाद: पार्षद के अनुसार, आधिकारिक प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। बिना तथ्यों के शिकायतों और सोशल मीडिया/समाचार पत्रों में प्रचार से निर्दोष व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
  कानूनी धाराओं का उल्लेख: पत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 (मानहानि) तथा धारा 248 व 212 (लोक सेवक को झूठी सूचना देना) का उल्लेख करते हुए झूठी शिकायत करने वालों पर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
डॉ. खान ने मांग की है कि निष्पक्ष न्याय के हित में पुलिस विभाग को जांच व प्राथमिकी दर्ज करने के लिए भेजा गया पूर्व का पत्र तत्काल वापस लिया जाए।

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