सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये जशपुर जिले के फरसाबहार का मामला है वर्दी पहनकर सोशल मीडिया रील्स बनाने और उसके वायरल होने के बाद अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
* ड्यूटी की गरिमा का उल्लंघन: पुलिस वर्दी एक जिम्मेदार सार्वजनिक पद और कानून-व्यवस्था का प्रतीक है। ऑन-ड्यूटी वर्दी में रील्स बनाना पुलिस सेवा के अनुशासन, संजीदगी और मर्यादा के खिलाफ माना जाता है।
* विभागीय नियम व गाइडलाइन्स (Police Code of Conduct): छत्तीसगढ़ पुलिस समेत लगभग सभी राज्यों के पुलिस विभागों में कर्मचारियों द्वारा ऑन-ड्यूटी सोशल मीडिया के निजी इस्तेमाल और वर्दी में वीडियो/रील्स बनाने पर स्पष्ट प्रतिबंध है।
* जनता के बीच छवि पर असर: सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जगह टीआई स्तर के अधिकारी का रील्स बनाने में उलझना विभाग की छवि को धूमिल करता है और इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है।
* लापरवाही का संदेश: एक थाना प्रभारी (TI) पर पूरे थाना क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा होता है। ऐसे में ऑन-ड्यूटी इस प्रकार के कृत्यों से विभाग की प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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