पत्थलगांव / जशपुर (छत्तीसगढ़):
देश में जमीनी विवाद और कब्जे के हजार किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गाला में जो कारनामा सामने आया है, उसे सुनकर आप भी कहेंगे— "वाह रे इंसान! तेरी भूख की भी कोई सीमा है क्या?"
यहाँ कुछ अति-उत्साही और 'दूरदर्शी' दबंगों ने न तो जीवित लोगों की जमीन बख्शी और न ही मुर्दों की! जी हाँ, ग्राम पंचायत गाला के खसरा नंबर 656 की शासकीय भूमि, जो वर्षों से ग्रामीणों के लिए 'मरघट का रास्ता' और 'मुक्तिधाम' के रूप में इस्तेमाल होती आ रही है, उस पर दबंगों ने ट्रैक्टर चलाकर खेत बना दिया है!
🚜 पहले पटवारी ने नापा, फिर दबंगों ने ट्रैक्टर से 'जोत' डाला!
मामला इतना दिलचस्प है कि खुद राजस्व विभाग भी अपना सिर पीट रहा होगा।
05 जून 2026: ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी की पूरी फौज ने मौके पर पहुंचकर नाप-जोख की और पंचनामा बनाकर जमीन पंचायत के सुपुर्द कर दी।
पंचायत ने खुश होकर पर्यावरण की भलाई के लिए वहां पौधे भी रोप दिए।
21 अक्टूबर 2026 (आज सुबह): दबंगों की आत्मा जागी और उन्होंने सोचा— "मरघट के रास्ते में पेड़-पौधे क्या कर रहे हैं, यहाँ तो धान-गेहूं उगना चाहिए!"
फिर क्या था! जागेश्वर पिता कार्तिका, राजेश बेहरा, लक्ष्मण यादव और ओमप्रकाश नाम के महाशयों ने महिंद्रा और मैसी ट्रैक्टर की चाबी घुमाई, रोपे गए पौधों को उखाड़कर फेंका और श्मशान घाट के रास्ते की 'जोताई' शुरू कर दी!
🤬 "गाली भी देंगे और ट्रैक्टर भी चढ़ा देंगे!"
जब गांव के सरपंच, पंचगण और सीधे-साधे ग्रामीण मना करने पहुंचे तो दबंगों ने उन्हें कोई आरती की थाली नहीं दिखाई, बल्कि जमकर गाली-गलौज की और धमकी दे डाली कि— "ज्यादा रोक-टोक की तो ट्रैक्टर ऊपर ही चढ़ा देंगे!"
सरपंच बीरेंद्र पैंकरा और गांव वाले समझदार निकले; उन्होंने कहा कि "विवाद से अच्छा है पुलिस को बुलाया जाए।" पुलिस की एंट्री होते ही फिलहाल जोताई का काम तो रुक गया है, लेकिन गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
🎯 कटाक्ष: अब अंतिम यात्रा के लिए भी हेलीकॉप्टर किराए पर लेना पड़ेगा!
बड़ा सवाल:
क्या अब गाला गांव के लोगों को किसी के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाने से पहले दबंगों से 'खेत पार करने का परमिट' लेना पड़ेगा? या फिर सरकार को अब श्मशान घाट जाने के लिए गाँव वालों को हेलीकॉप्टर सब्सिडी देनी पड़ेगी?
ग्राम पंचायत के सरपंच बीरेंद्र पैंकरा और अन्य ग्रामीणों ने थाना प्रभारी (पत्थलगांव), कलेक्टर महोदय (जशपुर) और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को पत्र सौंपकर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन 'मुक्तिधाम प्रेमियों' पर क्या कार्रवाई करता है या फिर दबंग श्मशान की जमीन पर भी फसल काटकर ही दम लेंगे!

