पत्थलगांव: छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक रसूखदार व्यवसायी चिंटू अग्रवाल और उसके स्टाफ पर एक नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी ने न सिर्फ बच्चे को लोहे के पाइप से पीटा, बल्कि थाने और अस्पताल के चक्करों के बीच महज 500 रुपये देकर इस गंभीर अपराध को दबाने का प्रयास किया।
पाइप से वार और रसूख का रौब
घटना के संबंध में नाबालिग के भाई ने बताया कि वे लोग कबाड़ बीनकर अपना जीवन यापन करते हैं। मामूली बात पर चिंटू अग्रवाल और उसके कर्मचारियों ने नाबालिग पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। हैरानी की बात यह है कि जब मामला पुलिस तक पहुँचा और पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, तो वहाँ भी न्याय दिलाने के बजाय मामले को 'आनन-फानन' में रफा-दफा करने की कोशिश की गई।
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"गरीब हैं तो क्या न्याय नहीं मिलेगा?"
पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि पत्थलगांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। यहाँ दबंगों द्वारा गरीबों के साथ आए दिन ऐसी निर्ममता बरती जाती है। पीड़ित के भाई ने भावुक होते हुए पूछा, "हम कबाड़ चुनकर पेट पालते हैं, अगर गरीबों के साथ ऐसा अन्याय होगा और पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं करेगी, तो हम कहाँ जाएँगे?"
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कड़ी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि चिंटू अग्रवाल और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। नाबालिग के साथ हुई इस मारपीट ने क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या महज चंद रुपयों की खैरात एक बच्चे के जख्मों और उसके आत्मसम्मान की कीमत हो सकती है?

