विशेष रिपोर्ट: पत्थलगांव के पाकरगांव में विकास पर भारी भ्रष्टाचार; सामुदायिक शौचालय बना अतिक्रमण का अड्डा

 

 पत्थलगांव (जशपुर)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अतिक्रमण की समस्या कोई नई बात नहीं है, लेकिन पत्थलगांव के पाकरगांव से सामने आई खबर प्रशासन की मिलीभगत और व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित सामुदायिक शौचालय, जिसे राहगीरों की सुविधा के लिए बनाया गया था, आज स्वयं अतिक्रमण की चपेट में है।

 क्या है पूरा मामला

पाकरगांव में हाईवे किनारे बने इस सामुदायिक शौचालय के सामने और आसपास धड़ल्ले से अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया जा रहा है। इस अतिक्रमण के कारण हाईवे पर चलने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को शौचालय का उपयोग करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 सरपंच और सचिव पर 'मिलीभगत' के आरोप

स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह पूरा खेल अकेले नहीं चल रहा है। आरोप है कि ग्राम सरपंच और ग्राम सचिव की मौन सहमति और मिलीभगत से इस अवैध अतिक्रमण को अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों और प्राप्त तस्वीरों से यह संकेत मिले हैं कि कुछ चंद रुपयों के लालच में सार्वजनिक संपत्ति और यात्रियों की सुविधाओं को दांव पर लगा दिया गया है।

 जिले में अतिक्रमण की गंभीर स्थिति 

जशपुर जिले में हाईवे और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण एक "आम बात" बनती जा रही है। हाल ही में जशपुर नगर पालिका द्वारा शहर में कुछ गुमटियों और ठेलों को हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन पाकरगांव जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की सुस्ती भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले बुलंद कर रही है।

 मुख्य समस्याएं :

यात्रियों की असुविधा: हाईवे पर लंबी दूरी तय करने वाले मुसाफिरों के लिए शौचालय तक पहुंचना दूभर हो गया है।

 भ्रष्टाचार का बोलबाला: स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों पर आर्थिक लाभ लेकर अवैध कब्जों को संरक्षण देने का आरोप।

 प्रशासनिक अनदेखी: बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद उच्च अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर ठोस निगरानी का अभाव।

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