पत्थलगांव में रेत माफिया का ‘काला आतंक’, किलकिला और सुसडेगा नदी में अवैध उत्खनन से दहशत

 

पत्थलगांव:- पत्थलगांव  क्षेत्र में इन दिनों रेत माफियाओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। किलकिला और सुसडेगा नदी में खुलेआम अवैध रेत उत्खनन कर रोजाना भारी मात्रा में रेत का परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी वैध अनुमति और रॉयल्टी पर्ची के यह पूरा कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है।

शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की कथित निष्क्रियता के कारण रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।

विरोध करने पर धमकी

ग्रामीणों के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति अवैध खनन का विरोध करता है या सड़क खराब होने की शिकायत उठाता है, तो माफियाओं के गुर्गे खुलेआम धमकी देते हैं। आरोप है कि पत्रकारों और स्थानीय जागरूक नागरिकों को भी खबर बनाने और फोटो लेने पर जान से मारने की चेतावनी दी जा रही है।

सड़क और पर्यावरण पर असर

लगातार भारी वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। वहीं, नदी से लगातार रेत निकाले जाने के कारण जलस्तर गिरने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में क्षेत्र जल संकट का सामना कर सकता है।

प्रशासनिक संरक्षण पर उठे सवाल

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन किसके संरक्षण में चल रहा है। लोगों का कहना है कि बिना प्रशासनिक या राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव नहीं है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि—

अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए।

अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर कार्रवाई हो।

ग्रामीणों और पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त निगरानी की जाए।

Post a Comment

Previous Post Next Post