रायगढ़, 17 मई 2026। महिला वकील आराधना सिदार हत्या मामले में रायगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी के खिलाफ मजबूत भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं, जो न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूती प्रदान करेंगे। शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए जांच की प्रगति की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, मृतिका आराधना सिदार की आरोपी लोकनाथ पटेल से पहचान वर्ष 2024 के नवंबर माह में फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से विवाहित था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी लोकनाथ पटेल के खिलाफ 18 मई 2025 को महिला थाना रायगढ़ में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। रायपुर की एक महिला ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर रायगढ़ बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और वह 28 फरवरी 2026 को जमानत पर रिहा हुआ था।
जेल से बाहर आने के बाद आरोपी फिर से आराधना सिदार के संपर्क में आया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतिका आरोपी पर शादी का दबाव बना रही थी, जिसके बाद आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम देकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस जांच में वह पकड़ा गया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वारदात के बाद आरोपी ने मृतिका के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से महिला की आवाज में बातचीत की, ताकि किसी को घटना की जानकारी न हो सके। पुलिस ने पुष्टि के लिए आरोपी से कॉल करवाया, जिसमें उसने महिला की आवाज निकालकर बात की। आरोपी ने पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उसने ही मृतिका के मोबाइल से परिजनों और एक महिला वकील को फोन कर गुमराह किया था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतिका का मोबाइल फोन, घटना के समय पहने गए कपड़े, कॉल रिकॉर्ड समेत कई महत्वपूर्ण भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से जुड़े तथ्य या साक्ष्य हों तो वे पुलिस को उपलब्ध कराएं और विवेचना में सहयोग करें।
मामले में मृतिका आराधना सिदार वरिष्ठ अधिवक्ता भुनेश्वर बंद गोस्वामी के अधीन प्रैक्टिस कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, मेमोरेंडम और जांच प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ता भुनेश्वर बंद गोस्वामी तथा अधिवक्ता फूल सिंह यादव मौजूद थे और उन्होंने जांच प्रक्रिया पर संतोष जताया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस इस संवेदनशील हत्या प्रकरण की जांच पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर रही है तथा दोषी को कानून के दायरे में रहकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।
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