जनहित में बड़ी कार्रवाई: बिलासपुर में अवैध बोरवेल नेटवर्क पर प्रशासन का शिकंजा

बरतोरी में रात के अंधेरे में चल रही खुदाई पकड़ी गई, वाहन नंबर CG10 BX1933 जांच के घेरे में

जिला बिलासपुर / बिल्हा / बरतोरी

जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे अवैध बोरवेल उत्खनन के खिलाफ प्रशासन अब पूरी गंभीरता के साथ सक्रिय हो गया है। जनहित और जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संजय अग्रवाल के निर्देश पर अवैध बोरवेल गतिविधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में बिल्हा से लगे बरतोरी क्षेत्र में देर रात कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित की जा रही एक बोरवेल मशीन को जांच के दायरे में लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो में लाल रंग की आइशर मशीन दिखाई दे रही है, जिस पर “ANAND BORE WELLS” लिखा हुआ है। वाहन क्रमांक CG10 BX1933 भी स्पष्ट रूप से सामने आया है।

बिना अनुमति उत्खनन से बढ़ रहा खतरा

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित स्थल पर बिना वैध अनुमति, बिना पटवारी प्रतिवेदन और बिना आवश्यक स्वीकृति के खुदाई की जा रही थी। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि भूजल संरक्षण कानूनों और सार्वजनिक हित के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित और अवैध बोरवेल उत्खनन से—

भूजल स्तर तेजी से नीचे जाता है,

आसपास के हैंडपंप और कुएं सूखने लगते हैं,

जल संकट की स्थिति गंभीर होती है,

और भविष्य में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।


लगातार सामने आ रहे मामले बढ़ा रहे चिंता

बताया जा रहा है कि 22 मई को भी बिल्हा क्षेत्र में इसी तरह की गतिविधियों की शिकायत सामने आई थी। लगातार दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर समान प्रकार की कार्रवाई और एक ही नाम के सामने आने से प्रशासन अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच करने की तैयारी में है।

प्रशासन जुटा दस्तावेजों की जांच में

सूत्रों के अनुसार प्रशासन वाहन नंबर CG10 BX1933 से जुड़े दस्तावेज, परमिट, रजिस्ट्रेशन और संचालन अनुमति की जांच कर रहा है। संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट मांगी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उत्खनन नियमों के तहत किया जा रहा था या नहीं।

जनता की मांग: कार्रवाई के साथ पारदर्शिता भी

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि—

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो,

दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए,

अवैध उत्खनन में शामिल नेटवर्क को उजागर किया जाए,

और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।

जल संरक्षण अब सबसे बड़ा मुद्दा

बिलासपुर जिले में बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच अवैध बोरवेल का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे जनहित और आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा विषय बन चुका है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जल संसाधनों के दुरुपयोग को अब गंभीरता से लिया जाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन की सख्ती यह तय करेगी कि जिले में कानून और जनहित सर्वोपरि रहेगा या अवैध कारोबारियों का नेटवर्क सक्रिय बना रहेगा।

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