ताबड़तोड़ ट्रेडिंग के साथ गरमाया नायब तहसीलदार मारपीट मामला, विधायक समेत समर्थकों पर FIR

अंबिकापुर/सीतापुर। सरगुजा जिले के राजापुर तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद जिलेभर में हलचल तेज हो गई है। वहीं कनिष्ठ प्रशासनिक संघ भी खुलकर मैदान में उतर आया है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

विधायक और समर्थकों पर FIR दर्ज

नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी की शिकायत पर अंबिकापुर थाना में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 221, 121(1), 132 और 191(2) के तहत मामला कायम किया है।
एफआईआर क्रमांक 003/2026 के अनुसार घटना मंगलवार 27 मई 2026 की शाम लगभग 5 बजे राजापुर तहसील कार्यालय परिसर में हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शासकीय कार्य के दौरान विधायक अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे और विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।

प्रशासनिक संघ ने खोला मोर्चा

घटना के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक संघ जिला सरगुजा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीएम, राजस्व निरीक्षक और पटवारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
संघ ने कहा कि यह केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा मामला है।

क्या है पूरा विवाद

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी अपने नियमित शासकीय कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि वहां अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और बाद में विवाद मारपीट तक पहुंच गया।

नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
विधायक पक्ष ने लगाए पलटवार वाले आरोप

दूसरी ओर विधायक की बहन सीमा निवासी कोटछाल ने नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई दिनों से उन्हें कार्यालय के चक्कर कटवाए जा रहे थे। जब वे मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचीं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

विधायक समर्थकों का दावा है कि आम लोगों के प्रति अधिकारी का व्यवहार ठीक नहीं था और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा।

“आरोप पूरी तरह झूठे” – नायब तहसीलदार

नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विधायक और उनके समर्थकों ने कार्यालय पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश की और माहौल बिगाड़ा।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि दोनों पक्षों से जानकारी प्राप्त हुई है। विधायक पक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार और नायब तहसीलदार द्वारा मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलेभर में बढ़ी राजनीतिक हलचल

विधायक और समर्थकों पर FIR दर्ज होने के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। राजस्व अधिकारियों में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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