कोतबा। क्षेत्र में पटवारियों की मनमानी, काम में लेत-लतीफी और पैर पसार चुकी दलाली प्रथा के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। आज कोतबा क्षेत्र के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर तहसीलदार से मुलाकात की और क्षेत्र की जनता को आ रही परेशानियों से अवगत कराते हुए एक तीखा ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि अब जनता का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
### 🚨 ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
मुख्यालय से गायब रहने की आदत: पटवारी समय पर अपने दफ्तरों में नहीं मिलते, जिससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
अवैध वसूली पर लगाम: छोटे-मोटे राजस्व कामों के लिए भी आम जनता से की जा रही अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए।
दलाली प्रथा का खात्मा: दफ्तरों में सक्रिय दलालों के हस्तक्षेप को बंद किया जाए, ताकि सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों के काम हो सकें।
### 💼 तहसीलदार ने दिया सख्त आश्वासन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए तहसीलदार ने मौके पर ही उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि:
> "सभी पटवारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में मौजूद रहें। भविष्य में किसी भी पटवारी के खिलाफ काम में लापरवाही या अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
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### 👥 जनता के हक की लड़ाई रहेगी जारी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोटूक कहा है कि यह ज्ञापन सिर्फ एक शुरुआत है। अगर तहसीलदार के आश्वासन के बाद भी जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखा और पटवारियों का रवैया नहीं बदला, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान कोतबा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, युवा कार्यकर्ता और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
