तपकरा और मनोरा क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई, जंगल के रास्ते पशुओं की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा
जशपुर। जशपुर पुलिस ने गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। थाना तपकरा क्षेत्र में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, जबकि चौकी मनोरा क्षेत्र में पुलिस को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई की सुबह मुखबिर से सूचना मिलने पर तपकरा पुलिस ने सड़वा जंगल मार्ग पर घेराबंदी कर 28 गौवंशों को झारखंड की ओर पैदल ले जा रहे सात तस्करों को पकड़ लिया। आरोपियों के पास पशुओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धाराओं 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
इसी दिन सुबह मनोरा चौकी पुलिस ने इंदा घाट जंगल के पगडंडी मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को सुरक्षित बचाकर बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई में तपकरा और मनोरा पुलिस टीम के अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा
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