स्थानीय स्तर पर आयोजित "दादी-नानी की चौपाल" कार्यक्रम में वरिष्ठ महिलाओं ने अपने जीवन के अनुभव साझा कर बच्चों और युवाओं को पारिवारिक संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी पीढ़ी के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा आपसी संवाद को बढ़ावा देना रहा।
चौपाल के दौरान दादी-नानियों ने अपने संघर्ष, पारिवारिक जीवन, शिक्षा के महत्व, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक समरसता से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए। उपस्थित बच्चों और युवाओं ने भी उत्सुकता के साथ उनकी बातों को सुना तथा उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में ऐसी पहलें हमारी संस्कृति, परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही, वरिष्ठजनों के अनुभव समाज के लिए अमूल्य धरोहर हैं, जिनसे हर पीढ़ी को सीख लेने की आवश्यकता है।
अंत में सभी दादी-नानियों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई। आयोजन में उपस्थित लोगों ने इसे समाज में पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करने वाला सराहनीय प्रयास बताया

