पत्थलगांव/तमता
जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमता क्षेत्र से भारी मात्रा में ‘काली गिट्टी’ और पत्थर का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क एक संगठित सिंडीकेट के जरिए संचालित हो रहा है, जिसकी पकड़ काफी गहरी बताई जा रही है।
🔴 रात के अंधेरे में सरहद पार तस्करी
जानकारी के मुताबिक तमता से निकली गिट्टी लुड़ेग मार्ग से होते हुए पड़ोसी राज्य ओडिशा तक पहुंचाई जा रही है। बिना वैध अनुमति के हर रात दर्जनों वाहन सीमा पार करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
🌲 जंगलों में अवैध खनन का फैलता जाल
मामले का गंभीर पहलू यह है कि जहां सीमित उत्खनन की अनुमति है, वहां माफिया उसकी आड़ में प्रतिबंधित वन क्षेत्रों तक पहुंच बना चुके हैं। वैध लीज के नाम पर जंगलों को खोदकर अवैध रूप से पत्थर निकाला जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
⚠️ आवाज उठाने वालों को धमकी
इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों और ग्रामीणों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। कुछ मामलों में हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
❗ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लगातार शिकायतों और खबरों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में आंख मूंदे बैठे हैं। आखिर किसके संरक्षण में यह सिंडीकेट फल-फूल रहा है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
📌 मुख्य बिंदु:
• रूट: तमता ➝ बटुराबहर (यहां भी)_लुड़ेग ➝ ओडिशा
• समय: रात के अंधेरे में संचालन
• नुकसान: सरकारी राजस्व की भारी चोरी, वनों का विनाश
• खतरा: विरोध करने वालों को धमकी और हमले
