जिला बिलासपुर
मस्तूरी – छत्तीसगढ़ में संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) (चिरायु योजना) के तहत मस्तूरी टीम ने एक बार फिर अपनी तत्परता और समर्पण से एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया।
मस्तूरी चिरायु टीम पिछले कई वर्षों से स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 सप्ताह से 18 वर्ष तक के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। इसी क्रम में सीपत क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में 11 माह के बच्चे ध्रुवेश पुरी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित पाया गया।
टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया और स्वयं वाहन से अस्पताल पहुंचाया। आवश्यक जांचों के बाद बच्चे को रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसे कॉम्प्लेक्स सायनोटिक हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित पाया गया।
बेहतर उपचार के लिए बच्चे को
AIIMS Raipur
Sri Sathya Sai Hospital Raipur
Apollo Children's Hospital Chennai
जैसे उच्च स्तरीय अस्पतालों में दिखाया गया।
शुरुआत में परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन चिरायु टीम की लगातार काउंसलिंग के बाद वे सहमत हुए। 23 मार्च 2026 को बच्चे को चेन्नई भेजा गया, 25 मार्च को भर्ती किया गया और 1 अप्रैल 2026 को सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को बधाई दी। इस पूरे कार्य में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए सच में जीवनदायिनी साबित हो रही है।
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संभाग बिलासपुर


