पत्थलगांव, छत्तीसगढ़
मामला पत्थलगांव क्षेत्र में लगातार बनी हुई बिजली समस्याओं के बीच अब बिजली विभाग का एक कथित विवादित ऑडियो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। एक सामान्य फोन कॉल ने ऐसा तूल पकड़ लिया है कि अब लोग विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
सूत्रों और वायरल हो रही ऑडियो क्लिप के अनुसार, क्षेत्र की बिजली कटौती और आम जनता की परेशानियों को लेकर कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी (डीई) से संपर्क किया था। लेकिन समस्या का समाधान बताने के बजाय अधिकारी कथित तौर पर अभद्र भाषा और धमकी भरे लहजे में बात करते सुनाई दिए।
जनहित के सवाल पर भड़के अधिकारी?
बताया जा रहा है कि पत्रकार ने सिर्फ क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती और आम लोगों की दिक्कतों को लेकर जानकारी मांगी थी। लेकिन बातचीत के दौरान अधिकारी का रवैया बेहद तल्ख और असंवेदनशील नजर आया।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर अधिकारी का लहजा ऐसा सुनाई देता है मानो वे किसी जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर नहीं बल्कि दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों।
https://youtu.be/_KiREFLll88?si=7EUpePnUcENYs3P8
ऑडियो क्लिप
जनता में भारी आक्रोश
घटना सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि—
“जब मीडिया के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम आदमी की शिकायतों का क्या हाल होता होगा?”
जनता यह भी सवाल उठा रही है कि आखिर एक जिम्मेदार अधिकारी को इतना बेखौफ रवैया अपनाने की हिम्मत किसके संरक्षण में मिल रही है।
सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय मीडिया संगठनों और नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स से वेतन पाने वाले लोकसेवकों का ऐसा तानाशाही रवैया किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अब पूरे मामले में लोगों की नजर प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
क्या वायरल ऑडियो पर होगी कार्रवाई?
क्या जनता को मिलेगा जवाब?
फिलहाल पत्थलगांव में यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है…
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