में गुंडागर्दी का तांडव: 15 से अधिक हमलावरों ने घर में घुसकर महिला-बच्चों को पीटा थाना प्रभारी लापरवाही मिलीभगत से बनाय काउंटर केसबिलाईगढ़


सारंगढ़-बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के वार्ड क्रमांक 10 स्थित रविदास मोहल्ला में 5 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे हुई मारपीट की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित परिवार के अनुसार ग्राम छपोरा के 15 से अधिक लोग संगठित होकर हथियारनुमा सामान के साथ उनके घर में घुस आए और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के साथ बेरहमी से मारपीट की।
पीड़ित परिवार द्वारा थाना बिलाईगढ़ में दिए गए आवेदन के अनुसार अविनाश भूपति शेषनारायण राहुल हिरवानी किशन हिरवानी सूरज निराला रघु हिरवानी टीका निराला गुड्डा हिरवानी हरीश निराला सहित अन्य लोग अचानक घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसते ही महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा और मारपीट करते हुए कुछ लोगों को घर से बाहर सड़क तक घसीटते हुए ले गए।

घटना में मासूम अंश रत्नाकर के सिर में गंभीर चोट आई है जबकि एक अन्य बच्चे की कलाई और उंगलियों में भी गंभीर चोट बताई जा रही है। महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। वहीं घायल अमित कुमार रत्नाकर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिलाईगढ़ में एक्स-रे कराने पर पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है जिसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा जांच प्रतिवेदन में इसका उल्लेख नहीं किया गया। परिवार के अन्य सदस्यों को भी अंदरूनी चोटें आई हैं जिनका उपचार जारी है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था। उनका आरोप है कि आरोपी विवाद सुलझाने नहीं बल्कि दबदबा कायम करने और इलाके में आतंक फैलाने की नीयत से बिलाईगढ़ पहुंचे थे। परिवार ने सवाल उठाया कि यदि विवाद सुलझाना ही उद्देश्य था तो ग्राम सरपंच समाज प्रमुख या अन्य जिम्मेदार लोगों को साथ लाया जा सकता था लेकिन 15 से अधिक लोगों की भीड़ लेकर आने का क्या औचित्य था।

घटना के दौरान हमलावरों ने पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी और बाद में मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाना प्रभारी ने आरोपियों को बचाने के लिए मामले को चार दिनों तक उलझाए रखा और बाद में काउंटर केस बना दिया।

मामले की जानकारी मिलने पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश पदाधिकारी 11 मई 2026 को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। समाज के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी की कथित लापरवाही और मिलीभगत की कड़ी निंदा की है।

 इन गंभीर धाराओं के तहत। भारतीय दंड संहिता के धाराएं BNS के अनुसार
धारा 191(2) BNS – दंगा करना
धारा 190 BNS – गैरकानूनी जमाव के हर सदस्य द्वारा किया गया अपराध
धारा 333 BNS – उपहति कारित करने की तैयारी के बाद गृह-अतिचार
धारा 74 BNS – स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 115(2) BNS – स्वेच्छा से 
उपहति कारित करना
धारा 117(2) BNS – स्वेच्छा से उपहति कारित करना
धारा 109 BNS – हत्या करने का प्रयास
धारा 352 BNS – शांति भंग कराने के आशय से जानबूझकर अपमान करना
धारा 351(3) BNS – मृत्यु या घोर उपहति कारित करने की आपराधिक धमकी कार्रवाई होनी चाहिए थी 

लेकिन थाना प्रभारी की निष्क्रियता के चलते अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो समाज द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

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